परिचय
- परिभाषा : संभाग जिलों एवं राज्य के बीच कड़ी के रूप में काम करने वाली एक प्रशासनिक इकाई है।
- प्रशासनिक अधिकारी : संभाग का प्रशासनिक प्रमुख संभागीय आयुक्त होता है। अर्थात् संभाग स्तर पर सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी संभागीय आयुक्त होता है।
- शुरूआत : राजस्थान में संभागीय व्यवस्था की शुरूआत मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री द्वारा 30 मार्च, 1949 को की गई थी।
- प्रारम्भ में (30 मार्च, 1949 को) राजस्थान में कुल 5 संभाग थे। जैसे- बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर
- समाप्त : 24 अप्रैल, 1962 को मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया द्वारा राजस्थान में संभागीय व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था।
- पुनः शुरूआत : 26 जनवरी, 1987 को मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी द्वारा राजस्थान में संभागीय व्यवस्था को पुनः शुरू किया और साथ ही अजमेर को छठा संभाग बनाया गया।
- 4 जून, 2005 को मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे द्वारा भरतपुर को सातवाँ संभाग बनाया गया।
- 7 अगस्त, 2023 को रामलुभाया समिति की सिफारिश पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा तीन नये संभाग (बाँसवाड़ा, पाली, सीकर) बनाये गये।
- 28 दिसंबर, 2024 को मत्रिमंडलीय उप समिति (ललित के. पंवार समिति) की सिफारिश पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पूर्ववर्ती सरकार (मुख्यमंत्री अशोक गहलोत) में बनाये गये 3 नये संभागों (बाँसवाड़ा, पाली, सीकर) को रिरस्त कर दिया गया।
- वर्तमान में राजस्थान में कुल 7 संभाग हैं।
इतिहास
| समय | संभागों की संख्या | संभागों का नाम |
|---|---|---|
| 30 मार्च, 1949 से 23 अप्रैल, 1962 तक | 5 | बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर |
| 24 मार्च, 1962 से 25 जनवरी, 1987 तक | संभागीय व्यवस्था समाप्त | |
| 26 जनवरी, 1987 से 3 जून, 2005 तक | 6 (5 + 1) | बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर + अजमेर |
| 4 जून, 2005 से 6 अगस्त, 2023 तक | 7 (6 + 1) | बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर + भरतपुर |
| 7 अगस्त, 2023 से 27 दिसंबर, 2024 तक | 10 (7 + 3) | बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, भरतपुर + बाँसवाड़ा, पाली, सीकर |
| 28 दिसंबर, 2024 से वर्तमान तक | 7 (10 – 3) | बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, भरतपुर – बाँसवाड़ा, पाली, सीकर |
पुनर्गठन
पुनर्गठन हेतु गठित समितियाँ:-
| क्र. सं. | समिति का नाम | गठन | अध्यक्ष | मुख्यमंत्री |
|---|---|---|---|---|
| 1 | रामलुभाया समिति | 21 मार्च, 2022 | श्री रामलुभाया (सेवानिवृत IAS) | श्री अशोक गहलोत |
| 2 | ललित के. पंवार समिति | 28 जून, 2024 | श्री ललित के. पंवार | श्री भजनलाल शर्मा |
1. रामलुभाया समिति
- गठन : 21 मार्च, 2022
- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट 2022-23 में नये संभाग एवं जिलों के पूनर्गठन की घोषणा की गई जिसके अन्तर्गत इस उच्च स्तरीय जिला पुनर्गठन समिति का गठन किया गया।
- अध्यक्ष : श्री रामलुभाया (सेवानिवृत IAS अधिकारी)
- मुख्यमंत्री : श्री अशोक गहलोत (कांग्रेस पार्टी)
- उद्देश्य : राजस्थान में संभाग एवं जिलों के पूनर्गठन की सिफारिश करना।
- सिफारिश : इस समिति ने 3 संभाग एवं 19 नये जिले बनाने की सिफारिश की।
- इस समिति की सिफारिश पर राजस्थान (अशोक गहलोत) सरकार द्वारा-
- 17 मार्च, 2023 को बजट 2023-24 में पहली बार 3 संभाग एवं 19 नये जिलों के पुनर्गठन की घोषणा की गई।
- 5 अगस्त, 2023 को 3 संभाग एवं 19 नये जिलों के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी की गई।
- 6 अगस्त, 2023 को 3 संभाग एवं 19 नये जिलों के पुनर्गठन की अधिसूचना प्रकाशित की गई।
- 7 अगस्त, 2023 को 3 संभाग एवं 19 नये जिलों के पुनर्गठन को लागू किया गया।
- इसके बाद राजस्थान में संभागों की संख्या 7 से बढ़कर 10 तथा जिलों की संख्या 33 से बढ़कर 50 हो गयी थी।
इस समिति की सिफारिश पर गठित नवीनतम संभागों की सूची
| क्र. सं. | संभाग | गठन |
|---|---|---|
| 1 | बाँसवाड़ा | 7 अगस्त, 2023 |
| 2 | पाली | 〃 |
| 3 | सीकर | 〃 |
2. ललित के. पंवार समिति
- गठन : 28 जून, 2024
- कार्यकाल : 28 जून, 2024 से 31 अगस्त 2024 तक
- अध्यक्ष : श्री ललित के. पंवार
- वसुन्धरा राजे की प्रथम कार्यकाल में JDA व पर्यटन सचिव रह चुके।
- वसुन्धरा राजे के दूसरे कार्यकाल में RPSC अध्यक्ष रह चुके।)
- मुख्यमंत्री : श्री भजनलाल शर्मा (भारतीय जनता पार्टी)
- उद्देश्य : पूर्व मुख्यंमत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में बनाये गये 3 संभाग एवं 19 नये जिलों की समीक्षा कर मत्रिमंडलीय उप समिति को सिफारिश करना।
- इस समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रिमंडलीय उप समिति को सौंप दी।
मत्रिमंडलीय उप समिति :-
- अध्यक्ष : मदन दिलावर (पूर्व में समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रैमचंद बैरवा थे।)
- अन्य सदस्य :-
- राज्यवर्धन सिंह राठौड (उद्योग मंत्री, राजस्थान सरकार)
- कन्हैयालाल चौधरी (PHED मंत्री, राजस्थान सरकार)
- हेमंत मीणा (राजस्व मंत्री, राजस्थान सरकार)
- सुरेश सिंह रावत (जल संसाधन मंत्री, राजस्थान सरकार)
- इस समिति की सिफारिश पर 28 दिसंबर, 2024 को राजस्थान सरकार (मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा) द्वारा 3 नये संभागों को निरस्त कर दिया गया था। जिसकी अधिसूचना 29 दिसंबर, 2024 को जारी की गई। जो निम्नलिखित हैं-
इस समिति की सिफारिश पर निरस्त किए गये संभागों की सूची
| क्र. सं. | संभाग | गठन | निरस्त |
|---|---|---|---|
| 1 | बाँसवाड़ा | 7 अगस्त, 2023 | 28 दिसंबर, 2024 |
| 2 | पाली | 〃 | 〃 |
| 3 | सीकर | 〃 | 〃 |
संभागों का गठन
| क्र. सं. | संभाग | गठन | मुख्यमंत्री |
|---|---|---|---|
| 1 | बीकानेर | 30 मार्च, 1949 | हीरालाल शास्त्री |
| 2 | जयपुर | 〃 | 〃 |
| 3 | जोधपुर | 〃 | 〃 |
| 4 | कोटा | 〃 | 〃 |
| 5 | उदयपुर | 〃 | 〃 |
| 6 | अजमेर | 26 जनवरी, 1987 | हरिदेव जोशी |
| 7 | भरतपुर | 4 जून, 2005 | वसुन्धरा राजे |
| 8 | बाँसवाड़ा (वर्तमान में निरस्त) | 7 अगस्त, 2023 | अशोक गहलोत |
| 9 | पाली (वर्तमान में निरस्त) | 〃 | 〃 |
| 10 | सीकर (वर्तमान में निरस्त) | 〃 | 〃 |
राजस्थान के वर्तमान संभाग
राजस्थान में वर्तमान में कुल 7 संभाग एवं 41 जिले हैं।, जो निम्नलिखित हैं–
| क्र. सं. | संभाग | मुख्यालय | शामिल जिले | विशेषताएँ | |
| क्र. सं. | जिला | ||||
| 1 | बीकानेर | बीकानेर | 1 | बीकानेर | 𑇐 इस संभाग में पुनर्गठन के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ। 𑇐 क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा संभाग है। 𑇐 जनसंख्या की दृष्टि से यह राजस्थान का तीसरा सबसे छोटा संभाग हैं। |
| 2 | श्री गंगानगर | ||||
| 3 | हनुमानगढ़ | ||||
| 4 | चुरू | ||||
| 2 | कोटा | कोटा | 1 | कोटा | 𑇐 इस संभाग में पुनर्गठन के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ। 𑇐 क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राजस्थान का दूसरा सबसे छोटा संभाग है। 𑇐 जनसंख्या की दृष्टि से यह राजस्थान का सबसे छोटा संभाग है। |
| 2 | बारां | ||||
| 3 | बूँदी | ||||
| 4 | झालावाड़ | ||||
| 3 | भरतपुर | भरतपुर | 1 | भरतपुर | 𑇐 क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राजस्थान का सबसे छोटा संभाग है। 𑇐 जनसंख्या की दृष्टि से यह राजस्थान का दूसरा सबसे छोटा संभाग है। |
| 2 | डीग (नया) | ||||
| 3 | धौलपुर | ||||
| 4 | करौली | ||||
| 5 | सवाई माधोपुर | ||||
| 4 | अजमेर | अजमेर | 1 | अजमेर | 𑇐 यह राजस्थान का एकमात्र ऐसा संभाग है जिसकी सीमा राजस्थान के सभी संभागों (6) के साथ लगती है। |
| 2 | नागौर | ||||
| 3 | टोंक | ||||
| 4 | भीलवाड़ा | ||||
| 5 | डीडवाना–कुचामन (नया) | ||||
| 6 | ब्यावर (नया) | ||||
| 5 | जयपुर | जयपुर | 1 | जयपुर | 𑇐 जनसंख्या की दृष्टि से यह राजस्थान का सबसे बड़ा संभाग है। |
| 2 | दौसा | ||||
| 3 | अलवर | ||||
| 4 | सीकर | ||||
| 5 | झुंझुनूं | ||||
| 6 | खैरथल–तिजारा (नया) (खैरथल–तिजारा का प्रस्तावित नाम- भर्तृहरि नगर है।) | ||||
| 7 | कोटपूतली–बहरोड़ (नया) | ||||
| 6 | उदयपुर | उदयपुर | 1 | उदयपुर | |
| 2 | चित्तौड़गढ़ | ||||
| 3 | बाँसवाड़ा | ||||
| 4 | राजसमंद | ||||
| 5 | डूँगरपुर | ||||
| 6 | प्रतापगढ़ | ||||
| 7 | सलूम्बर (नया) | ||||
| 7 | जोधपुर | जोधपुर | 1 | जोधपुर | 𑇐 यह राजस्थान का सर्वाधिक जिलों वाला संभाग है। 𑇐 क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राजस्थान का सबसे बड़ा संभाग है। 𑇐 जनसंख्या की दृष्टि से यह राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा संभाग है। |
| 2 | पाली | ||||
| 3 | जैसलमेर | ||||
| 4 | बाड़मेर | ||||
| 5 | जालौर | ||||
| 6 | सिरोही | ||||
| 7 | बालोतरा (नया) | ||||
| 8 | फलौदी (नया) | ||||
| कुल | 7 | 41 | |||