RPSC RAS (मुख्य) परीक्षा, 2026 : पाठ्यक्रम

परीक्षा बोर्डराजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC)
परीक्षा का नामराजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा
भर्ती राज्यराजस्थान
परीक्षा मोडऑफलाइन
परीक्षा प्रकारलिखित परीक्षा
परीक्षा भाषाहिन्दी एवं अंग्रेजी
पाठ्यक्रम स्थितिउपलब्ध
पाठ्यक्रम जारी09-01-2026
पाठ्यक्रम भाषाहिन्दी
आधिकारिक वेबसाइटhttps://rpsc.rajasthan.gov.in/

परीक्षा की योजना एवं पाठ्यक्रम :-

  • मुख्य परीक्षा में प्रविष्ट किये जाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या, उस वर्ष में परीक्षा के माध्यम से भरी जाने वाली रिक्तियों की कुल अनुमानित संख्या का 15 गुणा होगी, किन्तु उक्त रेंज में उन समस्त अभ्यर्थियों को, जिन्होंने वही अंक प्राप्त किये हैं, जैसा आयोग द्वारा किसी निम्नतर रेंज के लिए नियत किया जाये, मुख्य परीक्षा में प्रवेश दिया जायेगा।
  • लिखित परीक्षा में चार प्रश्न-पत्र होंगे जो वर्णनात्मक/ विश्लेषणात्मक होंगे।
  • अभ्यर्थी को चारों प्रश्नपत्र देने होंगे जिनमें संक्षिप्त, मध्यम, दीर्घ उत्तर वाले और वर्णनात्मक प्रकार के प्रश्नों वाले प्रश्नपत्र भी होंगे।
  • सामान्य हिन्दी और सामान्य अंग्रेजी का स्तरमान सीनियर सैकैण्डरी स्तर का होगा।
  • प्रत्येक प्रश्न-पत्र के लिए अनुज्ञात समय 3 घण्टे होगा।

मुख्य परीक्षा हेतु योजना

प्रश्न पत्रप्रश्न पत्र विषयअधिकतम अंकअवधि
Iसामान्य अध्ययन-I2003 घंटे
IIसामान्य अध्ययन-II2003 घंटे
IIIसामान्य अध्ययन-III2003 घंटे
IVसामान्य हिन्दी एवं सामान्य अंग्रेजी2003 घंटे
कुल800

प्रश्न पत्र-I हेतु परीक्षा योजना

भागप्रश्नों की संख्याप्रति प्रश्न अंककुल अंकशब्द सीमा
इकाई-I 8 5 40 50
 3 10 30 150
इकाई-II 6 5 30 50
 3 10 30 150
इकाई-III 14 5 70 50
 कुल200 
नोट:- परीक्षा की स्कीम सिर्फ़ सामान्य मार्गदर्शन और उम्मीदवारों की जानकारी और मदद के लिए है। यूनिट के हिसाब से अंकों और सवालों का बँटवारा अलग-अलग हो सकता है।

प्रश्न पत्र- I (सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन) :-

इकाईविषयखण्डविषय
I इतिहासराजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा और धरोहर
भारतीय इतिहास एवं संस्कृति
आधुनिक विश्व का इतिहास (1991 ईस्वी तक)
II अर्थव्यवस्थाभारत की अर्थव्यवस्था
वैश्विक अर्थव्यवस्था
राजस्थान की अर्थव्यवस्था
III समाजशास्त्र, प्रबंधन, लेखांकन एवं अंकेक्षणसमाजशास्त्र
प्रबंधन
लेखांकन एवं अंकेक्षण

खंड- अ (राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा और धरोहर) :-

  • प्रागैतिहासिक संस्कृति, विभिन्न ऐतिहासिक स्थल एवं उनका महत्व : राजस्थान के विभिन्न शासकों की राजनैतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियां (18वीं शताब्दी तक)
  • राजस्व एवं प्रशासनिक व्यवस्था एवं बदलता स्वरूप।
  • 19वीं एवं 20वीं शताब्दी- 1857 का विद्रोह, कृषक एवं जनजातीय आंदोलन, राजनैतिक जागरण, जन आंदोलन एवं राजस्थान का एकीकरण।
  • कला एवं संस्कृति- प्रदर्शन एवं ललित कला, हस्तशिल्प, स्थापत्य एवं स्मारक, लोक संगीत, लोक नृत्य, लोक कलाएं एवं लोक आख्यान।
  • मेले एवं त्यौहार।
  • जनजातियां एवं उनकी परम्पराएं।
  • विरासत- राजस्थान की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर एवं प्रमुख पर्यटन स्थल।
  • राजस्थानी भाषा एवं प्रमुख साहित्यिक कृतियाँ।
  • धार्मिक मान्यताएं, संत एवं लोक देवी-देवता।

खंड- ब (भारतीय इतिहास एवं संस्कृति) :-

  • भारतीय धरोहर: सिन्धु सभ्यता से लेकर ब्रिटिश काल तक के भारत की ललित कलाएँ, प्रदर्शन कलाएँ, वास्तुकला एवं साहित्य।
  • प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के धार्मिक आन्दोलन और दर्शन।
  • ब्रिटिश नीतियां एवं उनके प्रभाव- देश का राजनैतिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक एकीकरण।
  • भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन- इसके विभिन्न चरण व धाराएँ, प्रमुख योगदानकर्ता।
  • 19वीं तथा 20वीं शताब्दी में सामाजिक- धार्मिक सुधार आन्दोलन एवं बौद्धिक जागरण।
  • स्वातंत्र्योत्तर भारत- देशी रियासतों का विलय तथा राज्यों का भाषायी आधार पर पुनर्गठन, विज्ञान एवं तकनीक का विकास, महिला सशक्तिकरण एवं महिला सुधार आंदोलन।

खंड- स (आधुनिक विश्व का इतिहास- 1991 ई. तक) :-

  • पुनर्जागरण व धर्म सुधार।
  • अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम, फ्रांसीसी क्रांति, औद्योगिक क्रांति एवं रूसी क्रांति।
  • जर्मनी में नाजीवाद एवं इटली में फासीवाद।
  • विश्व युद्धों का प्रभाव।
  • शीत युद्ध के दौरान विश्व।

    खंड- अ (भारत की अर्थव्यवस्था) :-

    • आर्थिक संवृद्धि और विकास- अवधारणा और माप। आय दृष्टिकोण, मानव विकास सूचकांक और अन्य संबंधित सूचकांक। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय क्षरण।
    • कृषि: उत्पादकता और प्रगति। भूमि सुधार। कृषि वित्त तथा विपणन। खाद्य सुरक्षा, खाद्य प्रसंस्करण। मुख्य नीतिगत पहल।
    • औद्योगिक नीति और सुधार। वैश्वीकरण, उदारीकरण और निजीकरण औद्योगिक वित्त। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम- महत्व और नीतिगत पहल।
    • सेवा क्षेत्र और आधारभूत संरचना: ऊर्जा, परिवहन और संचार
    • अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार और भुगतान संतुलन। विदेशी सहायता और निवेश
    • सार्वजनिक वित्त संघीय बजट: आय और व्यय के स्त्रोत, बजट घाटा और सार्वजनिक ऋण भारत के राजकोषीय नीति व सुधार। केन्द्र-राज्य वित्तीय सम्बन्ध और वित्त आयोग।
    • भारतीय रिजर्व बैंक और मौद्रिक प्रबंधन। भारत के बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के सुधार।
    • सामाजिक क्षेत्र: शिक्षा और स्वास्थ्य। गरीबी और बेरोजगारी। भारत में श्रम की रोजगार योग्यता को बढ़ाने वाली योजनाएं। समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्गों के कल्याण की योजनाएं।

    खंड- ब (वैश्विक अर्थव्यवस्था) :-

    • वैश्विक आर्थिक मुद्दे : विश्व व्यापार संगठन, विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भूमिका।

    खंड- स (राजस्थान की अर्थव्यवस्था) :-

    • राजस्थान के आर्थिक संवृद्धि संकेतक- राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय और समावेशी संवृद्धि। विकसित राजस्थान 2047। हरित संवृद्धि तथा पर्यावरणीय संधारणीयता। संधारणीय विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राजस्थान की स्थिति।
    • राज्य बजट- राजकोषीय प्रबंधन और बजट घाटा
    • कृषि विकास: उत्पादन और उत्पादकता। जल संसाधन और सिंचाई। पशुपालन और सहायक गतिविधियां। कृषि विपणन। कृषकों के कल्याण की सरकारी योजनाऐं।
    • ग्रामीण विकास और ग्रामीण आधारभूत संरचना। पंचायतीयराज संस्थाऐं और राज्य वित्त आयोग।
    • औद्योगिक विकास के लिये संस्थागत तन्त्र। निवेश प्रोत्साहन नीति। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों का महत्व और उनके विकास के लिए नीतिगत पहल। राज्य में पेट्रोलियम और तेल संसाधन।
    • आधारभूत संरचना का विकास- ऊर्जा और परिवहन। सार्वजनिक व निजी सहभागिता परियोजनाएं। बाहरी सहायता से वित्त पोषित राज्य परियोजनाएं
    • मानव संसाधन विकास- स्वास्थ्य और शिक्षा। बेरोजगारी और गरीबी। रोजगार सृजन और गरीबी निवारण योजनाएं।
    • सुशासन और सार्वजनिक सेवाओं को प्रभावी रूप से प्रदान करने के लिए डिजीटल रूपान्तरण
    • अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/ पिछड़ा वर्ग/ अल्पसंख्याकों/ दिव्यांगजनों, निराश्रितों, महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के कल्याण के लिये राज्य सरकार की मुख्य योजनाएं।

    खंड- अ (समाजशास्त्र) :-

    • भारतीय समाज में समाजशास्त्रीय चिंतन :
      • जाति एवं वर्ग की अवधारणा, भारतीय समाज में जाति एवं वर्ग के बदलते आयाम।
      • समकालीन भारतीय समाज एवं संस्कृति में परिवर्तन : धर्मनिरपेक्षीकरण, शहरीकरण, आधुनिकीकरण और वैश्वीकरण।
      • भारतीय सामाजिक व्यवस्था से संबंधित अवधारणाएं : कर्म का सिद्धान्त, धर्म, पुरुषार्थ और आश्रम व्यवस्था।
      • वर्तमान भारतीय समाज में परिवार एवं विवाह, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजन से संबंधित मुद्दे। भारीतय समाज पर साइबर अपराध और सोशल मीडिया का प्रभाव।
      • भारतीय समाज के समक्ष चुनौतियाँ एवं मुद्दे : दहेज, तलाक, भ्रष्टाचार, गरीबी, वेश्यावृत्ति, बेरोजगारी और नशाखोरी।
      • भारतीय समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित समस्याएँ (मुख्यतः राजस्थान के सम्बन्ध में) : महिलाएँ, सीमांत समूह, दलित, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचिज जनजाति और उनके लिए कल्याणकारी योजनाएँ।

    खंड- ब (प्रबंधन) :-

    • सामान्य प्रबन्ध: प्रबन्धकीय अवधारणा, प्रबन्धकीय कौशल एवं स्तर, प्रबन्ध के कार्य, एमबीओ (MBO), निर्णय प्रक्रिया- तकनीक व मॉडल।
    • संगठनात्मक व्यवहार: प्रकृति व क्षेत्र, अनुभूति, अभिप्रेरणा- संकल्पना एवं विचारधाराएं, समूह गत्यात्मकता एवं दल निर्माण, संगठनात्मक जलवायु एवं संस्कृति।
    • विपणन प्रबंध: अवधारणा एवं क्षेत्र, विपणन मिश्रण- उत्पाद, कीमत, संवर्धन, भौतिक वितरण, सेवा एवं डिजिटल विपणन।
    • मानव संसाधन प्रबंध: संकल्पना एवं क्षेत्र, मानव संसाधन नियोजन, भर्ती, चयन, पदस्थापन एवं प्रशिक्षण, निष्पादन मूल्यांकन प्रणालियां, मानव संसाधन की आधुनिक प्रवृत्तियां।
    • रणनीति प्रबंधन: संकल्पना एवं क्षेत्र, व्यावसायिक वातावरण व स्वॉट (SWOT) विश्लेषण, रणनीति निरूपण एवं क्रियान्वयन, रणनीति नियन्त्रण एवं मूल्यांकन

    खंड- स (लेखांकन एवं अंकेक्षण) :-

    • लेखांकन का सैद्धान्तिक आधार: सामान्यतः मान्य लेखा सिद्धांत (GAAPs) एवं आधारभूत लेखांकन अवधारणाएँ
    • लेखांकन मानक: लेखांकन मानकों का आधारभूत ज्ञान
    • कम्पनी के वित्तीय विवरण; वित्तीय विवरणों के विश्लेषण की तकनीकें; रोकड़ प्रवाह विवरण; सामाजिक लेखांकन एवं उत्तरदायित्व लेखांकन का आधारभूत ज्ञान।
    • कम्प्यूटरीकृत लेखांकन: विशेषताएँ एवं सॉफ्टवेयर पैकेज।
    • वस्तु एवं सेवा कर का आधारभूत ज्ञान।
    • अंकेक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य, अकंक्षेण कार्यक्रम, सामाजिक, निष्पादन एवं दक्षता अंकेक्षण का आधारभूत ज्ञान, सरकारी अंकेक्षण का प्रारम्भिक ज्ञान।

    प्रश्न पत्र-II हेतु परीक्षा योजना

    भागप्रश्नों की संख्याप्रति प्रश्न अंककुल अंकशब्द सीमा
    इकाई-I753550
    31030150 
    इकाई-II1457050
    इकाई-III753550
    31030150
    कुल200 
    नोट:- परीक्षा की स्कीम सिर्फ़ सामान्य मार्गदर्शन और उम्मीदवारों की जानकारी और मदद के लिए है। यूनिट के हिसाब से अंकों और सवालों का बँटवारा अलग-अलग हो सकता है।

    प्रश्न पत्र- II (सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन)

    इकाईविषयखण्डविषय
    Iप्रशासकीय नीतिशास्त्र – –
    IIसामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – –
    IIIपृथ्वी विज्ञान (भूगोल एवं भू-विज्ञान) विश्व
     भारत
     राजस्थान

    • नीतिशास्त्र एवं मानवीय मूल्य- महापुरुषों, समाज सुधारकों तथा प्रशासकों के जीवन से प्राप्त शिक्षा। परिवार, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं का मानवीय मूल्यों को विकसित करने में योगदान।
    • नैतिक संप्रत्यय- ऋत एवं ऋण, कर्मवाद से प्रेरण, कर्त्तव्य की अवधारणा, शुभ एवं सद्गुण की अवधारणा।
    • निजी एवं सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र की भूमिका, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और असंलिप्तता का दार्शनिक आधार। उदार समाज: पारदर्शिता, मीडिया और नौकरशाही।
    • भगवद् गीता का नीतिशास्त्र एवं प्रशासन में इसकी भूमिका।
    • गांधी का नीतिशास्त्र।
    • भारतीय एवं विश्व के नैतिक चिंतकों एवं दार्शनिकों का योगदान।
    • प्रशासन में नैतिक चिन्ता, द्वन्द एवं चुनौतियां, प्रशासनिक निर्णय में कृत्रिम बौद्धिकता बनाम अंतर्विवेक।
    • नैतिक निर्णय-प्रक्रिया: सामाजिक न्याय, मानवीय चिन्ता, शासन में जवाबदेही उपकरण परक बौद्धिकता बनाम मूल्य परक बौद्धिकता।
    • उपरोक्त विषयों पर आधारित अ-तथ्यपरक केस अध्ययन।

    • दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान; परमाणु संरचना; धातु, अधातु एवं उपधातु, धातुकर्म सिद्धांत और विधियाँ, महत्वपूर्ण अयस्क और मिश्र धातु; अम्ल, क्षार और लवण, pH और बफर की अवधारणा; महत्वपूर्ण औषधियां (संश्लेषित और प्राकृतिक), एंटीऑक्सिडेंट, परिरक्षक, कीटनाशी, पीड़कनाशी, कवकनाशी, शाकनाशी, उर्वरक, योजक और मधुरक; कार्बन एवं इसके यौगिक तथा उनके घरेलू एवं औद्योगिक अनुप्रयोग; ईंधन; ऑक्टेन रेटिंग; रेडियोधर्मिता- अवधारणाएं और अनुप्रयोग; हरित रसायन एवं उसके अनुप्रयोग।
    • दैनिक जीवन में भौतिकी; गति, कार्य, शक्ति एवं ऊर्जा; गुरूत्वाकर्षण; प्रकाश एवं उसके गुण; ऊष्मा; स्थैतिक एवं धारा वैद्युतिकी; चुंबकत्व, वैद्युत चुंबकत्व; ध्वनि तथा विद्युत चुंबकीय तरंगे; चिकित्सीय निदान में भौतिकी के अनुप्रयोग; नाभिकीय विखंडन और संलयन; विकिरण सुरक्षा।
    • कोशिका; पादप भाग- उनके कार्य एवं उपयोग; पादप पोषण एवं वृद्धि नियामक- कृषि एवं बागवानी के विशेष संदर्भ में; पौधों में लैंगिक एवं अलैंगिक प्रजनन। मानव शरीर क्रिया विज्ञान की मूलभूत अवधारणाऐं- पाचन, श्वसन, परिसंचरण, उत्सर्जन, प्रजनन, तंत्रिका तंत्र। आहार एवं पोषण; प्रतिरक्षा; रोग; जन स्वास्थ्य हेतु पहल; लाभकारी एवं हानिकारक सूक्ष्मजीव; किण्वन तकनीकी; जैवप्रौद्योगिकी एवं आनुवंशिक- इंजीनियरिंग- बुनियादी अवधारणाएँ और उनके अनुप्रयोग; आनुवंशिक रूप से संशोधित जीवों (GMOs) के नैतिक, कानूनी और सामाजिक मुद्दे (ELSI); नूतन प्रगतियाँ- टीके, CRISPR, mRNA तकनीक, कृत्रिम अंग।
    • आधारभूत कंप्यूटर विज्ञान; नेटवर्किंग; एनालॉग और डिजिटल दूरसंचार; आवृत्ति स्पेक्ट्रम; मोबाईल टेलीफोनी;, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी में नूतन विकास- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग; बिग डेटा; क्लाउड एवं ऐज कंप्यूटिंग; इंटरनेट ऑफ थिंग्स; ब्लॉकचैन और डिजीटल करेंसी; वर्चुअल और ऑगमेंटेड रिएलिटी; ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया।
    • भारतीय वैज्ञानिकों का विज्ञान और प्रौद्योगिकी में योगदान; मुख्य भारतीय वैज्ञानिक संस्थान; वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति- रोबोटिक्स, नैनो प्रौद्योगिकी, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि; भारत और राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास; विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित सरकार की नीतियाँ; डिजीटल इण्डिया पहल; साईबर सुरक्षा एवं डेटा गोपनीयता।
    • अंतरिक्ष एवं रक्षा प्रौद्योगिकी- भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम; उपग्रह एवं उनके अनुप्रयोग; विभिन्न प्रक्षेपण यान; सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग); रक्षा अनुसंधान एवं स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ; भारतीय मिसाइल कार्यक्रम; ड्रोन तकनीक; रासायनिक और जैविक हथियार।

    खंड- अ (विश्व का भूगोल) :-

    • पृथ्वी की आन्तरिक संरचना एवं भूवैज्ञानिक समय सारिणी।
    • प्रमुख भौतिक भू-आकृतियाँ : पर्वत, पठार, मैदान, मरुस्थल: प्रकार तथा वितरण
    • भूकंप एवं ज्वालामुखी : प्रकार, वितरण एवं उनका प्रभाव।
    • जलवायु- सूर्याभिताप, वायुमण्डलीय परिसंचरण, आर्द्रता तथा वर्षण
    • प्रमुख पर्यावरण संबंधी मुद्दे।

    खंड- ब (भारत का भूगोल) :-

    • प्रमुख भौतिक भू-आकृतियाँ : पर्वत, पठार, मैदान, मरुस्थल।
    • भारत का भू-आकृतिक विभाजन।
    • अपवाह प्रतिरूप तथा प्रमुख नदियाँ।
    • जलवायु : मानसून, जलवायु विशेषताएं, वर्षा का वितरण एवं जलवायु प्रदेश।
    • प्राकृतिक संसाधन : प्रकार एवं उपयोग; जल, प्राकृतिक वनस्पति मृदा, खनिज तथा ऊर्जा संसाधन
    • जनसंख्या : वृद्धि, वितरण, घनत्व, लिंगानुपात, साक्षरता, नगरीय एवं ग्रामीण जनसंख्या।

    खंड- स (राजस्थान का भूगोल) :-

    • भौतिक विभाग
    • प्रमुख नदियाँ एवं झीलें।
    • जलवायु विशेषताएं एवं उनका वर्गीकरण।
    • प्रमुख वनस्पति, वन्यजीव तथा जैव विविधता।
    • मृदा संसाधन
    • कृषि- प्रमुख फसलें : उत्पादन व वितरण।
    • खनिज संसाधन : प्रकार, वितरण एवं उनका औद्योगिक उपयोग।
    • जनसांख्यिकी विशेषताएं
    • जनजातियाँ।
    • यूनेस्को की भू-पार्क एवं भू-धरोहर स्थल संकल्पना : राजस्थान में संभावनाएं।
    • पर्यटन

      प्रश्न पत्र-III हेतु परीक्षा योजना

      भागप्रश्नों की संख्याप्रति प्रश्न अंककुल अंकशब्द सीमा
      इकाई-I11 55550
       3 1030150
      इकाई-II 6 53050
       3 1030150
      इकाई-III 11 55550
       कुल200 
      नोट:- परीक्षा की स्कीम सिर्फ़ सामान्य मार्गदर्शन और उम्मीदवारों की जानकारी और मदद के लिए है। यूनिट के हिसाब से अंकों और सवालों का बँटवारा अलग-अलग हो सकता है।

      प्रश्न पत्र- III (सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन) :-

      इकाईविषयखण्डविषय
      Iभारतीय राज व्यवस्था, शासन, भारत एवं अन्तर्राष्ट्रीय मामले और समसायिक मामले  
      IIलोक प्रशासन की अवधारणाएँ, मुद्दे एवं गत्यात्मकता  
       IIIव्यवहार एवं विधि व्यवहार
       विधि

      भारत के संविधान की उत्पत्ति, संरचना और प्रमुख सिद्धांत :-

      • संविधान सभा, प्रभाव स्त्रोत, दार्शनिक आधार, मौलिक अधिकार, राज्य की नीति के निदेशक तत्व तथा मौलिक कर्तव्य
      • आधारभूत लक्षण सिद्धांत, संशोधन प्रक्रिया और प्रमुख संवैधानिक परिवर्तन
      • नवीन संवैधानिक विकास एवं न्यायिक निर्णय, संवैधानिक नैतिकता और रूपांतरकारी संवैधानिकता

      संस्थागत रूपरेखा एवं शासन तंत्र :-

      • राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और संसद
      • भारत में संघवाद की उभरती प्रवृत्तियाँ
      • उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक पुनर्विलोकन, न्यायिक सक्रियता, आभासी न्यायालय, ई-कोर्ट्स और ई-समिति

      भारतीय राजनीति की गत्यात्मकता :-

      • भारत के लोकतंत्र में दलीय प्रणाली के विकास द्वारा चिह्नित समकालीन बदलाव, उभरता क्षेत्रवाद और गठबंधन पुनर्संयोजन
      • पहचान-आधारित राजनीति से मुद्दा केन्द्रिय एवं समावेशी राजनीति की ओर परिवर्तन, साथ ही लैंगिक भागीदारी में वृद्धि, कृत्रिम बुद्धिमता- सक्षम लामबंदी के सामाजिक- राजनीतिक निहितार्थ
      • मतदान व्यवहार, निर्वाचन सुधार और भारत की निर्वाचन प्रक्रिया की कार्यप्रणाली
      • भारतीय राजनीति में विकसित समकालीन प्रतिमान
      • आंतरिक सुरक्षा: खतरे, सुरक्षा बलों एवं एजेंसियों का अधिदेश और भूमिका, तथा आंतरिक सुरक्षा प्रबंधन की चुनौतियाँ

      राजस्थान में राज्य राजनीति और शासन :-

      • राजनीतिक सहभागिता के प्रतिमान, नेतृत्व एवं मतदान व्यवहार
      • राज्य में राजनीतिक दलों की भूमिका और गठबंधन की राजनीति
      • पंचायती राज एवं नगरीय स्थानीय स्वशासन- संरचना, मुद्दे और चुनौतियाँ
      • राजस्थान की राजनीति में नवीन आयाम और चुनौतियाँ
      • राजस्थान में सार्वजनिक नीति का रूपांकन: संस्थाएँ, प्रक्रियाएँ, हितधारक और कार्यान्वयन संबंधी बाधाएँ
      • प्रमुख ई-शासन उपक्रम: उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ

      भारत और अंतरराष्ट्रीय मामले :-

      • शीत युद्ध के बाद के परिवर्तन, अमेरिका का प्राधान्य, बहुध्रुवीयता, वैश्विक राजनीतिक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद
      • भारतीय विदेश नीति के निर्धारक तत्व एवं विशेषताएँ, प्रमुख वैश्विक शक्तियों एवं पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध, प्रवासी भारतीय समुदाय और सांस्कृतिक कूटनीति
      • क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका- UN, WTO, EU, ASEAN, BRICS, G-20, QUAD, I2U2, AUKUS, DAKSHIN
      • जलवायु एवं हरित कूटनीति में भारत का नेतृत्व (COP शिखर सम्मेलन, ISA, Mission LiFE)
      • भारत की विदेश नीति में समकालीन रणनीतिक उपक्रम

      समसामयिक मामले एवं मुद्दे :-

      • महत्वपूर्ण समसामयिक घटनाएँ, मुद्दे और प्रमुख हस्तियाँ
      • राजस्थान की प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाएँ और सरकारी पहल
      • पुरस्कार, प्रमुख साहित्यिक योगदान, तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) में महत्वपूर्ण प्रगति
      • भारत और राजस्थान की खेल नीतियाँ, प्रमुख संस्थान, तथा महत्वपूर्ण खेल आयोजन और उपलब्धियाँ
      • स्वास्थ्य, आरोग्यता और तनाव प्रबंधन में योग की भूमिका

      लोक प्रशासन: विचारधाराएँ एवं सिद्धांत :-

      • लोक प्रशासन:- अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र एवं महत्व, लोक प्रशासन का एक अनुशासन के रूप में उद्भव, विकासशील एवं विकसित समाजों में इसकी भूमिका, नव लोक प्रशासन, नव लोक प्रबन्ध, सुशासन, नव लोक सेवा।
      • विचारधाराएँ एवं उपागम:- वैज्ञानिक प्रबंध, मानव संबंध, व्यवहारवादी, संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक, पारिस्थितिकीय उपागम।
      • संगठन के सिद्धांत:- पदसोपान, आदेश की एकता, नियंत्रण का क्षेत्र, प्रत्यायोजन, केन्द्रीकरण एवं विकेन्द्रीकरण, समन्वय, प्राधिकार एवं उत्तरदायित्व, जवाबदेही।
      • प्रशासनिक व्यवहार- नेतृत्व, संचार, मनोबल।

      संघ सरकार एवं प्रशासनिक संस्थाएँ :-

      • प्रशासनिक संस्थाएँ:- संघ लोक सेवा आयोग, भारत निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, वित्त आयोग, लोकपाल, नीति आयोग।
      • कार्मिक प्रशासन:- भर्ती, प्रशिक्षण, पदोन्नति, सिविल सेवाओं में तटस्थता और अनामता, आचरण संहिता।
      • प्रशासन के मुद्दे:- संघ-राज्य सम्बन्ध, मंत्री-लोक सेवक सम्बन्ध, सामान्यज्ञ-विशेषज्ञ, प्रशासनिक सुधार, सामाजिक अंकेक्षण।
      • प्रशासन पर नियंत्रण: विधायी, कार्यकारी और न्यायिक

      तुलनात्मक लोक प्रशासन :-

      • यू.एस.ए., यू.के., फ्रांस और चीन के प्रशासनिक तंत्र की विशेषताएँ।

      राज्य एवं जिला प्रशासन :-

      • राज्य प्रशासन:- राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, राज्य सचिवालय, मुख्य सचिव, निदेशालयों की भूमिका, पुलिस प्रशासन, राजस्व मंडल, राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त।
      • जिला प्रशासन:- जिलाधीश, कानून और व्यवस्था प्रशासन, राजस्व प्रशासन, विकास प्रशासन।

      खंड-अ (व्यवहार) :-

      • बुद्धि: संज्ञानात्मक बुद्धि, सामाजिक एवं भावनात्मक बुद्धि, सांस्कृतिक बुद्धि, प्रशंसात्मक बुद्धि और आध्यात्मकि बुद्धि; कार्यस्थल पर उनका महत्व और उनका समावेश (अर्न्तविनिष्टि)।
      • नेतृत्व प्रोफाइल: सिद्धांत, प्रकार और शैलियाँ; कार्यस्थल पर उनकी चुनौतियाँ और प्रभावशीलता; भविष्य के नेता; उनके अवसर और चुनौतियाँ।
      • कार्यस्थल पर संचार: संचार के मॉडल और नेटवर्क और उनकी प्रभावशीलता; संचार की बाधाएँ और विकृतियाँ; इलेक्ट्रॉनिक तथा विनाशकारी संचार- साइबरस्लैकिंग, साइबरलोफिंग, मूनलाइटिंग आदि।
      • कार्यस्थल पर उत्कर्ष- गुण और शक्तियाँ, RAISEC मॉडल और व्यक्ति-अनुकूल-वातावरण।
      • कार्यस्थल पर बर्नआउट, तनाव और उससे निपटान: व्यावसायिक तनाव; स्रोत और उससे निपटने की शैलियाँ; व्यक्तित्व और तनाव; कार्यस्थल पर लैंगिक मुद्दे।

      खंड-ब (विधि) :-

      • समकालीन विधिक मुद्दे-
        • सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
          • धारा 1-20
        • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
          • धारा 1
          • धारा 2- परिभाषाएँ: संचार उपकरण, कम्प्यूटर, कम्प्यूटर तंत्र, कम्प्यूटर साधन, कम्प्यूटर प्रणाली, साइबर कैफे, साइबर सुरक्षा, डाटा, अंकीय चिन्ह्, इलैक्ट्रॉनिक अभिलेख, इलैक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, सूचना, प्राइवेट कुंजी, लोक कुंजी
          • धारा 65, 66, 66 (B-F), 67, 67 (A-C), 71-78
      • बौद्धिक सम्पदा अधिकार- संकल्पना, प्रकार एवं प्रयोजन
      • स्त्रियों एवं बालकों के विरूद्ध अपराध-
        • घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005:
          • धाराएँ 1-29, 31
        • महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013:
          • धाराएँ 1-9, 11-20
        • लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012:
          • धाराएँ 1-15
      • माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007:
        • धाराएँ 1-25
      • राजस्थान में महत्वपूर्ण भूमि विधियां-
        • राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955:
          • धारा 1
          • धारा 5- परिभाषाएँ : कृषि वर्ष, कृषि, कृषक, सहायक कलेक्टर, बोर्ड, कलेक्टर, आयुक्त, फसल, ग्रोवधारक, ग्रोवभूमि, होल्डिंग, इजारा या ठेका, सुधार, भूमि, स्वयं काश्त भूमि, भूमिधारी, भूमिविहीन व्यक्ति, अधिवासित भूमि, चारागाह भूमि, रेन्ट, राजस्व, राजस्व अपीलीय प्राधिकारी, राजस्व न्यायालय, राजस्व अधिकारी, सायर, बन्दोबस्त, उपखण्ड अधिकारी, उप किरायेदार, तहसीलदार, किरायेदार, अतिचारी नालबट
          • धाराएँ 14-17A, 31-37, 38-54A, 206-232, 239-242
        • राजस्थान भू राजस्व अधिनियम, 1956
          • धारा-1
          • धारा-2
          • धारा-3 निर्वचन: भूअभिलेख अधिकारी, नगरपालिका, नजुल भूमि, पंचायत सर्किल, राजस्व अपील प्राधिकारी, बन्दोबस्त प्राधिकारी, गांव।
          • धाराएं- 4-36, 40A, 74-87, 106-137, 142-183
        • भारतीय न्याय संहिता, 2023
          • धारा-1
          • धारा-2 परिभाषाएँ: बालक, न्यायालय, दस्तावेज, लिंग सदभावपूर्वक, सरकार, न्यायाधीश, व्यक्ति, लोक, लोकसेवक, मूल्यवान प्रतिभूति
          • धाराएं 189-191, 194-197, 270, 294-296
        • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
          • धारा-1
          • धारा-2 परिभाषाएँ : श्रव्य दृश्य इलेक्ट्रॉनिक साधन, जमानत, जमानतीय एवं अजमानतीय अपराध, जमानत पत्र, बन्ध पत्र, आरोप, संज्ञेय अपराध, परिवाद, इलेक्ट्रॉनिक संसूचना, जांच, अन्वेषण, असंज्ञेय अपराध, उपखण्ड, समन मामला, वारण्ट मामला।
          • धाराएँ- 3 (2) (क), ख, 14-17, 41-43, 126-129, 148, 149, 152, 163-167, 173, 174, 187, 194-196

      प्रश्न पत्र-IV हेतु परीक्षा योजना

      भागकुल अंक
      इकाई-I90
      इकाई-II70
      इकाई-III40
      कुल200
      नोट:- परीक्षा की स्कीम सिर्फ़ सामान्य मार्गदर्शन और उम्मीदवारों की जानकारी और मदद के लिए है। यूनिट के हिसाब से अंकों और सवालों का बँटवारा अलग-अलग हो सकता है।

      प्रश्न पत्र- IV (सामान्य हिन्दी एवं सामान्य अंग्रेजी) :-

      इकाईविषयअंकभाग/ Partविषयअंक
      Iसामान्य हिन्दी90 30
       30
       30
      IIGeneral English70AGrammar & Usage20
      BComprehension, Translation & Precis Writing30
      CComposition & Letter Writing20
      IIIनिबंध40   

      इस प्रश्न पत्र का उद्देश्य अभ्यर्थी की भाषा-विषयक क्षमता तथा उसके विचारों की सही, स्पष्ट एवं प्रभावपूर्ण अभिव्यक्ति की परख करना है।

      भाग-अ (अंक 30) :-

      • उपसर्ग एवं प्रत्यय- शब्दों में से उपसर्ग एवं प्रत्यय पृथक् करना
      • समश्रुत भिन्नार्थक शब्द का वाक्यों में प्रयोग द्वारा अर्थ स्पष्ट करना
      • शब्ध शुद्धि
      • वाक्य शुद्धि
      • मुहावरे- मुहावरों का प्रयोग से अर्थ स्पष्ट
      • कहावत/ लोकोक्ति प्रयोग से अर्थ स्पष्ट
      • पारिभाषिक शब्दावली- प्रशासन से संबंधित अंग्रेजी शब्दों के समानार्थ हिन्दी पारिभाषिक शब्द

      भाग-ब (अंक 30) :-

      • संक्षिप्तीकरण- गद्यावतरण का लगभग एक-तिहाई शब्दों में संक्षिप्तीकरण (गद्यावतरण की शब्द सीमा लगभग 150 शब्द)
      • पल्लवन- किसी सूक्ति, काव्य पंक्ति, प्रसिद्ध कथन आदि का भाव विस्तार (शब्द सीमा- लगभग 100 शब्द)
      • अनुवाद- दिए हुए अंग्रेजी अनुच्छेद का हिन्दी में अनुवाद। (शब्द सीमा- लगभग 50 शब्द)

      भाग-स (अंक 30) :-

      • पत्र-लेखन- सामान्य कार्यलयी पत्र, कार्यलय आदेश, अर्द्धशासकीय पत्र, अनुस्मारक, प्रतिवेदन (रिपोर्ट)
      • प्रारूप-लेखन- अधिसूचना, निविदा सूचना, परिपत्र, प्रेस विज्ञप्ति, कार्यालय ज्ञापन

        Part A- Grammar & Usage (20 Marks) :-

        • Preposition
        • The same word used as different part of speech
        • Phrasal Verbs & Idioms (application)
        • One Word Substitute (application)
        • Words often Confused or Misused (application)

        Part B- Comprehension, Translation & Precis Writing (30 Marks) :-

        • Comprehension of an Unseen Passage (300 Words approximately) 05 Questions based on the passage and Precis Writing (of the same passage) approximately 100 words.
        • Translation of five sentences from Hindi to English.

        Part C- Composition & Letter Writing (20 Marks) :-

        • Elaboration of a given theme (Any 1 out of 3, approximately 150 words).
        • Writing: Official Letter/Demi-Official/Official Memorandum/Report Writing (approximately 150 words).

          • प्रश्न पत्र के निबंध भाग में छः विषयगत क्षेत्र होंगे। अभ्यर्थियों को लगभग 600 शब्दों का एक निबंध हिन्दी अथवा अंग्रेजी भाषा में लिखना होगा। निबंध के विषय निम्नलिखित छः विषयों पर आधारित होंगे-
            1. भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत
            2. समाज, शासन और सार्वजनिक मामले
            3. विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और सतत विकास
            4. अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग और वाणिज्य
            5. समसामयिक घटनाएँ, आपदाएँ और राष्ट्रीय विकास पहल
            6. राजस्थान के संदर्भ में पर्यटन, संस्कृति तथा समसामयिक मुद्दे
          • अभ्यर्थियों को इन विषयगत क्षेत्रों से सम्बंधित किसी एक विषय पर निबंध लेखन करना होगा। अभ्यर्थियों से अपेक्षित है कि वे निर्दिष्ट विषय से पूर्णतः संबंधित रहें, अपने विचारों को सुसंगत तरीके से व्यवस्थित करें और सटीकता और संक्षिप्तता के साथ प्रस्तुत करें। विचारों की स्पष्टता, संरचना की सुसंगतता और अभिवयक्ति की प्रभावशीलता के आधार पर अंक प्रदान किए जाएंगे।

          नोट :-पाठ्यक्रम की अधिक जानकारी के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, जिसका लिंक नीचे दिया गया है।

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